2017 का संदेश 2018 के नाम

धीरे धीरे विदा ले रहा,

2017 का यह साल,

नये वर्ष को सौंप जा रहा,

अपना कार्य भार।
21 सदी के यौवन वर्ष,

18 पे केवल न इतराना,

एक ज़िम्मेदारी देता हूँ,

कोशिश कर उसे निबाह जाना।
मेरी एक साध अधूरी है,

जो करना तुझको पूरी है,

भरसक कोशिश में लग जाना,

न मन से उसे विसर जाना।
कन्या के विषय मे कहना है,

जो बातें दुःख देती मुझको,

वो न्याय से अब भी वंचित है

समझाऊं कैसे अपने मन को।
कुछ ऐसे कदम उठाना तू,

कन्या भ्रूण ,न कोई मरवाये,

नवजात जन्म के लेते ही,

चुपके से कोई न गढ़वाये।
हक़ जीने का चैता देना,

अधिकार से भर देना झोली,

न लिंग भेद की छाप बने,

कन्या निर्दोष सी और भोली।
शिक्षा का सम अवसर दे कर,

सिर उठा ,जीने का हक़ देना,

लिंग भेद उठा न पाए सर,

कन्या को भी बढ़ने देना।
न घुट के घर मे ही जिये बेटी,

सपने उसके न भेंट चढ़ें

बेटों के साथ मिलाये कदम,

आशा ऊंची परवान चढ़ें।
दरिंदों का न शिकार बने,

कोई वहशी न बार करे,

लक्ष्मी बाई खुद बन जाये,

दुस्साहसी का संहार करे।
मेरा सवाल पे करना गौर,

2018 ,तेरा है काम,

इसी आशा से करता हूं,

अंत मे तुझे सलाम।।  

।द्वारा

     मंजुला माथुर।

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नव वर्ष  2018 

नव वर्ष की सुंदर बेला है,

उमंग से भरा सवेरा है,

रंग विरंगे फूल खिले हैं, 

उषा का रंग अलबेला है।
कोयल ने भी स्वर  ताना है,

नव वर्ष का गीत सुनने को,

पूरा जग ही झूम उठा,

नए साल की खुशी मनाने को।
बाल सूर्य की लाल लालिमा

धीमे धीमे झांक रही,

उषा काल की हर एक उर्मी, शरमाती, ओट से ताक रही।
21 सदी का वर्ष अठारह,

मतवाला से उतर रहा,

यौवन का अहसास कराता,

दौर क्षितिज से सरक रहा।
दुनियाँ के हर कोने में,

मच हुआ खुशियों का शोर,

नए साल का नया सवेरा,

खींच रहा है ,अपनी ओर।
नव वर्ष का स्वागत करने,

आतुर है सारा संसार,

उमंगों से गूँज उठे हैं,

चारों दिशा के ,चारों द्वार।
स्वागत ,स्वागत, स्वागत के स्वर,

देते यही दुहाई हैं,

नूतन वर्ष की नूतन बेल,

सूरज के रथ पर आई है।.

Education vs child

  1. Manjula mathur
  2. See that girl,walking school slowly.,
    With bag so heavy as trolley.Her back is bent,up to degree 30, It’s all true,not a mimicry.
    Going to school,to be educate.Learning without break,or being lateSpending hrs ,learning at School,While coming back,mind no cool.
    Than reaching home,ready for tution,

    So many work,for next-day preparations.

    Lunch and supper,leaving behind.

    More to study,keeping in mind.
    Huge stress,nd so big  pressure,

    Left no time for leisure and pleasure.
    Not even time to breath ,in open air,

    To sit beside dear ones or elders.
    How to share  things with open mind,Have do sums  solve and find.
    Stress,Stress,Loads nd Loads,This is very system,running on roads.
    O’Education Board,setters if Syllabus,

    Don’t impose so Loads on scholars. Save school child,being ill nd ail,

    Early age disease,nd face so pale.
    Lengthy courses and syllabus so hard,

    Not a measuring metre, Oh my Lord.
    Give enough time to think, and understand,

    Don’t push to cramming books in hands.
    Requesting u people,

    To amend it soon,

    Make not a curse,

    But a blessed boon.

भारत के बेरोजगार

भारत माँ तू कितनी प्यारी है

तेरी शोभा बहुत निराली है

जल का तुझको वरदान है

खनिजों से भरा भंडार है।
षट् ऋतुऔं की तुझको देन है

उर्वरा भूमि की सौगात है

कल कल असँख्य नदियां बहतीं

रत्नों से भरा तेरा गात है।
फिर भी ये क्या लाचारी है

हर ओर यहां बेकारी है

बेरोजगार फिरते मानव

बेकारी बन गई है दानव।

जड़ इसकी लाख बुराई है

यह सुरा से भरी सुराही है।
चोरी डाका ,लूटमार

इस से उपजी संतान हैं

बेरोजगारी के हाथों ही,

अपराध की बनी मचान है।
बलात्कार,चोरी, हत्याऐं

ठाले बैठौं की हरकत है।

लूटमार और अपहरण

सबमें इनकी शिरकत है।
यदि इन पर विजय पानी है,

बेकारी दूर भगानी ह,

पहले इनका उपचार करो,

सबके सपने साकार करो।
जब समाधान हो जायेंगे,

रोजी के अवसर आऐंगे,

न होगा कोई भूखा बेबस,

साधन पर  होगा सबका हक।
शिक्षित न करेंगे पालायन,

भारत मे  हों ,जीवन साधन।

बेकारी की ,जड़़ कट जाएगी,

खुद व खुद ,खुशहाली,

भारत मेँ ही बस जाएगी।

                                            मंजुला माथुर

राखी

  • ​ये राखी के कच्चे धागकितने पक्के होते हैं।
  • नहीं समझना इनको यूँही
  • दिलसे जुडके रहते हैं।
  1. शोभा सिर्फ कलाई की क्यों,
  2. शोभा रिश्तो की होते हैं
  3. एक भाई के लिए बह न की,  
  4. मान  मनौती होते हैं।
  • गुथा हुआ है इन धागों मे, 
  • नटखट सा प्यारा बचपन,
  • नौंक  झौंक और तूतू मैं मैं,
  • एक अनौखा भोला पन।
  1. साथ खेलना, सोना जगना,
  2. हँसी ठिठोली और स्कूल,
  3. मन की कहना ,उसकी सुनना,
  4. ये सब कैसे जाऊँ भूल।
  • कितनी बातें याद करुं मैं, बंद परतों मे बीता कल
  • एक एक परतें कितनी खोलूँ,
  • मची हुई दिल मे  हलचल।
  1. बंद लिफाफे की ये राखी,
  2. भावों को समझा न पाएगी,
  3. पत्र मे लिखे हर एक शब्द को,
  4. कैसे बयां कर पाएगी।
  • मुझको न उपहार चाहिए,
  • बस जीवन भर प्यार चाहिए,
  • रिश्तों का अहसास चाहिए,
  • और नहीँ कुछ खास चाहिए|
  1. मात पिता की तू ही विरासत,
  2. मेरा मायका रहे सलामत,
  3. भूल जाना यदि कोई शिकायत,
  4. मेरी है इतनी सी चाहत।
  • रिश्ता कमजोर न होने देना,
  • डोर प्यार की बाँधे रखना,
  • सच्चे हैं ये कच्चे धागे,
  • पक्के से भी पक्के धागे।😘❤